ऐसे करे शिव चालीसा पाठ होंगे चौकाने वाले फायदे: नियम, विधि एवं उचित समय जाने | शिव चालीसा पाठ के नियम

शिव चालीसा पाठ के नियम:- कोई छोटा सा कार्य भी सफल करना हो तो उसे पूरी निष्ठा के साथ नियम एवं विधि के साथ करना होता है। फिर यह तो शिवजी को प्रसन्न करने का कार्य है। इसी समाधान के लिए हम आपको बताएंगे की शिव चालीसा पाठ के नियम एवं विधि क्या है। भोलेनाथ का नाम लेकर व्यक्ति अपने सभी दुखों से मुक्त हो सकता है। लेकिन शिव चालीसा का पाठ कर शिव जी के गुणगान से विशेष लाभ प्राप्त किये जा सकते हैं।

शिव चालीसा का जाप यूँ तो हर व्यक्ति पर प्रभाव करता है लेकिन विशेष लाभ के लिए इसका पाठ यदि शिव चालीसा पाठ के नियम (shiv chalisa paath ke Niyam)  से किया जाय तो इससे शिव जी को प्रसन्न कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया जा सकता है।

shiv chalisa paath ke Niyam

शिव चालीसा पाठ करने की विधि

  • सबसे पहले सूर्योदय से पहले उठकर स्नान कर साफ़ कपड़े पहनना चाहिए ।
  • अब एक साफ़ आसान बिछाकर पूर्व दिशा की तरफ मुँह करके बैठ जाये ।
  • अब सबसे पहले शिव जी की प्रतिमा  के सामने धूप दीपक जलाए।
  • पांच सफ़ेद पुष्प लेकर श्रद्धा भाव से शिव जी आराधना करें।
  • चालीसा जाप से पहले एक तांबे के पात्र में जल डालकर रख ले।
  • शिव जी के पास में गाय के घी का दीया जलाना लाभदायक माना जाता है।
  • शिव चालीसा का पाठ हमेशा बोलकर साफ़ शब्दों में करने से लाभ प्राप्त होता है।
  • शिव जी को प्रसन्न करने वाले इस चालीसा का पाठ शुरू करने पर कम से कम तीन बार लगातार अवश्य करना चाहिए।
  • यदि आप शिव प्रतिमा के सामने बेटकर चालीसा का जाप कर रहे हैं शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाना ना भूलें।

     चालीसा का पाठ पूरा करने पर पात्र में रखें जल को घर में छिड़काव करें और स्वयं भी ग्रहण करें लें। शिव चालीसा का पाठ करने के दौरान बरतें ये सावधानी : शिव जी अपने भक्तों की भक्ति से जितनी जल्दी प्रसन्न होते हैं उतनी ही जल्दी उन्हें क्रोध भी आता है। इसलिए शिव चालीसा या शिव जी की पूजा के समय ख़ास सावधानी बरतना बेहद आवश्यक माना जाता है।

शिव चालीसा पाठ करने का समय 

    आपके मन में यह प्रश्न उठना स्वाभाविक है की शिव चालीसा का पाठ करने का समय कोनसा  है।  तो हम आपको शिव चालीसा पाठ का उत्तम समय बताते है। शिवजी को प्रसन्न करने के लिए शिव चालीसा का पाठ नियमित रूप से ब्रह्म मुहूर्त में किया जाना शुभ माना गया है। शिव चालीसा का पाठ नियमित रूप से करने से अपने शत्रुओं का नाश होता है।

शिव चालीसा पाठ के नियम

शिव चालीसा पाठ को जितनी शुद्धता से किया जाएगा तो उतना ही फल अच्छा एवं जल्दी मिलेगा। शिव चालीसा पाठ के नियम बता कर हम आपको शिव चालीसा पाठ को सफल बनाने की चेष्टा करेंगे।

  • सुबह जल्दी उठकर स्नान करके और साफ कपड़े पहना चाहिए।
  • अपना मुंह पूर्व दिशा में रख कर और आसन पर बैठ जाएं।
  • शिवजी की  पूजा में सफेद चंदन, चावल, कलावा, धूप-दीपक, फूल माला और शुद्ध मिश्री को प्रसाद लेकर शिव प्रतिमा के सामने रख दे।
  • पाठ शुरु करने से पहले गाय के घी का दीपक जलाएं और कलश में शुद्ध पानी भरकर रखें।
  • शिव चालीसा का 3, 5, 11 या फिर 40 बार पाठ करना चाहिय I
  • शिव चालीसा का पाठ सुरिला और सुरयुक्त करना चाहिए ।
  • शिव चालीसा का पाठ पुरे भक्ति भाव से करना चाहिए ।
  • चालीसा का पाठ पूरा हो जाने पर कलश का पानी सारे घर में छिड़क दें।
  • थोड़ा पानी  स्वयं पी लें और मिश्री प्रसाद के सभी परिवार वालो  को बांट दें।

शिव चालीसा पाठ का महत्व

शिव चालीसा पाठ कब करना चाहिए

भगवान शिव चालीसा पाठ करने की विधि यदि श्रद्धा पूर्वक शुद्धता से किया जाता है तो भक्तो को मन वांछित परिणाम मिलेंगे। भगवान शिव को धतूरा, बेल पत्र, शमी, मदार का पुष्प, दूध आदि बहुत पसंद हैं। भगवान शिवजी की सच्ची श्रद्धा से आराधना  करने वालों पर विशेष कृपा बनी रहती है। शिवजी की भक्ति के लिए सोमवार विशेष फलदायी होता है।

भोलेनाथ केवल सच्चे मन से याद करने पर भी भक्तों की पुकार सुन लेते हैं परंतु जो भी भक्त नियमित रूप से शिव चालीसा का पाठ करता है, उस पर भगवान शिव की विशेष कृपा बरसती है। शिव चालीसा का पाठ करने के शास्त्रों में नियम बताए गए हैं। ऐसे में विधि अनुसार ही शिव चालीसा का पाठ करना फलदायी होता है।

    शिव चालीसा का पाठ हमेशा स्नानकरने के बाद ही पढ़ना चाहिए। सुबह जल्दी उठकर स्नान करके और साफ कपड़े पहनकर पूर्व दिशा की तरफ अपना मुख कर बैठ जाए। भगवान शिव की मूर्ति स्थापित करें और उसके समक्ष घी का दीपक जलाएं। मूर्ति के पास तांबे के लोटे में साफ जल में गंगाजल मिलाकर रख दें। इसके बाद भगवान शिव का ध्यान करें और श्रीगणेश का श्लोक का जाप करें। इसके बाद शिव चालीसा का पाठ पढ़ना शुरू करें। 

शिव चालीसा कितनी बार पढ़ना चाहिए

हम आपको शिव चालीसा कितनी बार पढ़ना चाहिए इसके बारे में बताएंगे। अलग अलग मनोकामना पूरी करने हेतु शिव चालीसा कितनी बार पढ़ना चाहिए।

पूजा करते समय मुंह उत्तर-पूर्व या पूर्व दिशा की ओर होना चाहिए। शास्त्रों के अनुसार एक दिन में शिव चालीसा का 11 बार पाठ करें। मान्यता है कि लगातार 40 दिन तक शिव चालीसा पाठ करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है। शास्त्रों में ऐसा माना गया है कि Shiv Chalisa Path से कई फायदे हैं। जो शिव भोला है, आग के समान गुस्सा, मां गंगा की तरह शीतल है उससे तो जो चाहे वो आशीर्वाद ले सकते है। शर्त यह है की जो भी पूजा, अर्चना, अभिषेक शुद्ध मन से की जावे।

FAQ

Qu.शिव चालीसा कब पढ़ना चाहिए?

 Ans. शिव चालीसा न केवल भगवान शिव की स्तुति में बल्कि उनकी मदद का आह्वान करने वाला एक स्तोत्र है। इसका जाप ब्रह्म मुहूर्त में ( सुबह 4-5 बजे के बीच), स्नान के बाद पूर्व दिशा की ओर मुख करके करना सबसे अच्छा होता है। आदर्श रूप से, कोई भगवान शिव की छवि या प्रतीक के सामने बैठता है, धूप अर्पित करता है; और जप से पहले बेल पत्र और फूल।

Qu. शिवलिंग पर जल चढ़ाते समय कौन सा मंत्र बोलना चाहिए?

Ans. इसके अलावा आप इन मंत्रों का भी जाप कर सकते हैं – ‘श्रीभगवते साम्बशिवाय नमः । स्नानीयं जलं समर्पयामि। ‘ या ‘ॐ ह्रीं ह्रौं नमः शिवाय।। ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्॥’

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